उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण आने वाले कुछ श्रद्धालु गफलत का शिकार हो रहे हैं। ऐसे श्रद्धालु वापसी में गलत रास्ता पकड रहे हैं जिससे उन्हें अपने जूते चप्पल लेने में करीब एक किलोमीटर के दायरे में घुमना पड रहा है। मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल के अनुसार आने वाले समय में समिति श्रद्धालुओं के लिए निर्देश पट्टिका लगाने की तैयारी कर रही है। निर्माण के कारण अभी थोडी समस्या बनी हुई है। इसमें श्रद्धालु गफलत में गडबडा रहे हैं।
मंदिर से जुडे सूत्रों के अनुसार वर्तमान में श्रद्धालु बडा गणपति के पास जूता स्टेंड पर अपने जुते चप्पल उतार कर गेट नंबर 1 यानिकी पालकी द्वार आ रहा है। यहां से उसे मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। श्रद्धालु मंदिर के बेरिकेडस से होता हुआ भगवान के दर्शन कर प्रांगण में बाहर आ रहा है। यहीं पर श्रद्धालु भटक रहा है और यहां से वह नई रेंप पर चढकर भारत माता मंदिर के वहां निकल रहा है। ऐसे में उसे बाद में ध्यान आ रहा है कि उसके जूते चप्पल किधर हैं। बाद में ऐसे कुछ श्रद्धालुओं को करीब एक किलोमीटर का दायरा तय कर अपने जुते –चप्पल लेने के लिए बडा गणेश पर बनाए गए स्टैंड तक पहुंचना पड रहा है।
ये है व्यवस्था-
मंदिर सूत्रों के अनुसार वर्तमान में श्रद्धालु बडा गणेश के यहां अपने जूता-चप्पल उतारकर वहां से पैदल पालकी द्वार पहुंच रहे हैं। यहां से उन्हें प्रवेश दिया जा रहा है। वापसी में मंदिर के प्रांगण में आकर इसी और के रेंप से उपर आना है। इसमें श्रद्धालु भटक रहा है। वह उल्टी दिशा की और निकल पडता है। ऐसे में बाद में उसे जूते चप्पल की याद आने पर वह पूछता हुआ बडा गणेश की और बने स्टैंड पर पहुंच रहा है।
निर्माण कार्य पूर्ण होते ही लगेगी निर्देशिका-
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक एवं तहसीलदार मूलचंद जूनवाल बताते हैं कि श्रद्धालुओं के ध्यान के भटकाव के कारण ऐसा हो रहा है। गफलत की यह स्थिति भी वर्तमान में मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण है। आगामी समय में सभी निर्माण पूर्ण होने वाले हैं। निर्माण एजेंसियों को बराबर वरिष्ठ अधिकारी निर्देशित कर रहे हैं। ऐसे में आगामी समय में तय दर्शन व्यवस्था की श्रद्धालु निर्देश पट्टिकाएं मंदिर परिसर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर लगाने की योजना है,जिससे श्रद्घालुओं को किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
कुछ प्रकरणों में सामने आया-
श्री जूनवाल ने माना कि कुछ प्रकरणों में श्रद्धालुओं के गफलत के कारण भटकाव की स्थिति सामने आई है। इसके चलते मंदिर समिति ने गार्डस को निर्देश दिए हैं कि आगंतुक श्रद्धालुओं से एवं बाहर निकलने वाले श्रद्धालुओं को जूता स्टैंड के लिए जानकारी दी जाए। इससे भटकाव की स्थिति नहीं बनेगी।
दुकानों पर न रखें श्रद्धालु जूता-चप्पल-
श्री जूनवाल ने बताया कि मंदिर समिति के तय जूता स्टैंड पर ही श्रद्धालु अपने जूता –चप्पल रखें किसी प्रसादी की दुकान पर कतई न रखें। कई मामलों में सामने आया है कि श्रद्धालु अपने जूता-चप्पल दुकानों पर रखकर जाते हैं और इस दरमियान नगर निगम की कार्रवाई होने पर उनके जूता –चप्पल गायब हो जाते हैं। ऐसे में कई श्रद्धालु मंदिर समिति को अपने जूते-चप्पल गायब होने की शिकायत भी करते हैं।